Tuesday, April 20, 2010

गढ़वाली चिट्ठी


राम का लैटर सीता के लिए गढ़वाली में
म्येरी सीता,
मैं यख राजी ख़ुशी से छौं, और नर्सिंग किरपा से तू भी ठीक ही होली,
एक यू लक्छ्मण मेरा दगड साला रात भर परेशान कनु मै तें, छोरयुं कि रट लगायी येकी
मेरी बुद्धि तें भ्रष्ट कनु , अर सुण मेरी बात ध्यान लगेई कन
ये हनुमान बांदरम मैंन चिट्ठी अर काफल छिन मेरा दियां गणी ते ,एक भी कम व्हालू , तू मैं ते तुरंत फ़ोन कर दयेई...ये बांद्रे पुछेडी फूक देयेलु मैं ......और अगर तेरा फ़ोन माँ पैसा नि व्हाला मिस कॉल कर दई, मैं वापस फ़ोन कालू त्वेते ..तू मेरी चिंता करी ..
और ते कमीना रावण ते ब्वोली दे की मेरा जवें तू ख़तम कन..देख ले तू
मेरी सीता तू बिलकुल चिंता करी त्यारा सास सुसुर ठीक ठाक छिन ...
अछा म्येरी सीता अब मेरा पेने रिफिल ख़तम व्हेगी ..तू अप्डू ख्याल राखी ...
घणघोर जंगल बटे
त्यारु जंवे राम

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