Tuesday, May 4, 2010

गफलत

अपना दिमाग और दुसरे का पैसा हर किसी को ज्यादा ही लगता हैं.
कई गढ़वाली भाई एक दुसरे को देख नहीं सकते और कई सिर्फ गढ़वाली होने के नाते ही उसकी हद से ज्यादा मदद करते हैं इसके पीछे क्या कारण हो सकता हैं,
क्या गढ़वाली चालक हो रहे हैं या यूँ कहे की चालाकी मैं अपना और अपने गढ़वाली भाइयों का नुकसान कर रहे हैं और अपने राज्य का नाम बदनाम कर रहे हैं.
जलन और द्वेष की भावना गढ़वालियों के अन्दर बदती जा रही हैं जिसके चलते वोह अच्छे बुरे और अपने पराये का भेद भूल कर दोनों का नुकसान कर रहे हैं.
पर्तिस्पर्धा के इस दौर मैं सफल न होने के कारन और अपने परिवार को और अपने को आगे बदने के चक्कर मैं वोह गलत कदम उठा देते हैं.
सफलता के गुरुर मैं गढ़वाली अपने से कमजोर गढ़वाली को अपना भाई मानने पर लज्जित महसूस करता हैं.

इस सब के पीछे असल क्या वजह हैं न तो मैं समझ पा रहा हूँ और ना ही जो समझ मैं आ रहा हैं उसको शब्दों मैं व्यक्त कर पा रहा हूँ....

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