Saturday, May 8, 2010

गढ़वाल आर्थिक रूप से कमजोर हैं और पैसे की हर किसी को जरूरत हैं, अनाज की पैदावार भी दिन बा दिन कम होती ja रही हैं, ऐसे मैं एक गढ़वाली क्या करे..

दरअसल गढ़वाल मैं लोग जागरूक नहीं हैं, जागरूक लोग शहर मैं आने के बाद होते हैं लेकिंग naukri के chalte वोह गाँव मैं ja कर अपनी जागरूकता को इस्तेमाल नहीं कर पाते और गाँव के लोगों को बोल के किसी कार्य के लीये राज़ी करना बहुत मुश्किल हैं वोह सिर्फ अपने लिये या पैसे के लिये काम करेंगे, गाँव के लिये काम karne के लिये उनको तैयार करना मुश्किल हैं. वोह खाली बैठ कर समय बर्बाद करना उचित समझते हैं पर गाँव की प्रगति के लिये उन्हें सरकार से पैसे चाहिए फिर काम करेंगे.

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