Posts

Showing posts from September, 2017

साथी की भावनायें

कभी देर से तो कभी जल्दी आ जाना और कभी इंतज़ार में राह तकते रह जाना, असीमित आकांक्षाओं भरे दिलों को सीमित सी जगह में सिकोड़ कर रोज़ आते जाते देखना।काफी समय से बच्चों को स्कूल ले जाने वाले ऑटो वाले कि मनमर्ज़ीयाँ आर्थिक परिस्तिथियों के आगे नतमस्तक हो रखी थी। आखिरकर एक बीच का रास्ता नज़र आया OLX के रूप में जो हमें इस समस्या रूपी नदी को पार करने में सेतु का कार्य करती।20-25 हज़ार रुपए के दुपहिया वाहन की खोज शुरू हुई और एक साल पुराने एक्टिवा स्कूटर जिसकी कीमत 45 हज़ार रुपये पर आकर ठहर गयी। चादर से बाहर निकल रहे आर्थिक पैरों की वजह से जेब बगावत पर उतर रही थी लेकिन वर्तमान दुश्वारियों और दूरगामी फायदे का वास्ता दिला कर जेब को बड़ी मुश्किल से मनाया।कीमत में कुछ रियायत के आग्रह पर स्कूटर का दाम 40 हज़ार बताया गया तो फालतू की सौदेबाज़ी को दरकिनार कर मैंने भी सहमति दर्ज कर दी।दूरी दोनो पक्षों के लिए एक चुनौती बन गयी थी, तो आफिस के एक साथी को जो उस क्षेत्र के आस पास से होकर गुजरता था उसको आग्रह कर कहाँ की कृपा करके स्कूटर का मुआयना कर उसकी वास्तविक स्तिथि से अवगत करा दे और एक अन्य साथी को कहा कि स्कूटर लेन…