सकारात्मक मांसाहार
ऑफिस में जैसी ही फोन छटपटाया, व्हाट्सएप पटल पर घर से आई सूचना ने बतलाया कि आज शरीर के परजीवियों को मांसाहार की तलब लग रही है।
तारिक भाई की दुकान पर पहुंच कर चिकन का ऑर्डर दे दिया।
चिकन वाला अंदर गया और एक मुर्गे को पकड़ने के लिए जैसे ही पिंजरे में हाथ डाला, सब मुर्गे कहने लगे "मुझे उठाओ, मुझे उठाओ"
उनकी गुजारिशों को दरकिनार करते हुए चिकन वाले ने एक तंदुरुस्त सा मुर्गा पकड़ा, उसकी पकड़ मुर्गे को जैसे ही अपने तन पर महसूस हुई तो उसका दिल चहक उठा और वो बोला "आज तो मेरी लॉटरी लग गई, अलविदा दोस्तों" लॉटरी लगने की सूचना से बाकी मुर्गे निराशा में जैसे गूंगे हो गए।
जैसी ही मुर्गे की गर्दन पर छुरी चली और ड्रम में पटका गया, उत्साह में निरवाना को प्राप्त करते हुए मुर्गा बोलने लगा "बहुत टेस्टी बनूंगा" बहुत टेस्टी बनूंगा"।
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