Wednesday, September 22, 2010

नजरिया

हर इंसान की एक अपनी एक सोच और नजरिया होता हैं किसी भी घटना और वस्तु को देखने का इसलिए यह जरूरी नहीं की जो एक इंसान कहे वह बात दुसरे इंसान को पसंद आये!
जो भी मैं यहाँ पर व्यक्त कर रहा हूँ वह मेरा अपना नजरिया हैं और मैं जानता हूँ की हर कोई इस बात से सहमत नहीं होगा.

जो मेरे नज़रिए को समझेगा वह शायद मेरी भावनाओं को समझ सकता हैं और जिनका नजरिया मेरे से अलग होगा वह शायद मेरी इन भावनाओं को किसी और रूप मैं ले सकते हैं.

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